विश्वनाथ पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारी पहुंचे रैथल गांव, मृतक बिपेंदर सिंह राणा के परिवार से मिले

Ramesh Kuriyal
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उत्तरकाशी : गंगोत्री से बद्रीनाथ को जोड़ने वाला “कालिंदी खाल पास” जो कि भारत के सबसे कठिन ट्रेक में से एक हैं और जिसकी ऊंचाई लगभग 6,102 मीटर है के दौरान ग्राम रैथल के बिपेंदर सिंह राणा जी ट्रेक के दौरान 02 जून 2023 कठिन संघर्षों के बावजूद अपनी टीम को बचाते हुए स्वयं इस दुनिया को अलविदा कह गए।  

बिपेंदर सिंह राणा जी परिवार में सिर्फ कमाऊ पुरुष थे और सारा परिवार उन पर ही निर्भर था। आज विश्वनाथ पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारी ने उनके परिजनों से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त की, परिवार को सांत्वना दी एवं ढांढस बंधाया। साथ ही बायंडा गांव में सड़क हादसा में भगवान सिंह जी की मृत्यु हो गई थी उनके परिवार से मिले। ईश्वर मृत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें, व शोक संतप्त परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। इसके अलावा सड़क हादसे में घायल राजन सिंह के घर जाकर उनके हाल समाचार पूछे ओर जल्दी उनके स्वस्थ होने की कामनाएं की। इस दौरान संगठन की तरफ से इन परिवारों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।

संगठन का प्रयास रहता है कि हर एक जनमानस के सुख दुःख में जहां तक हो सके मदद का प्रयास किया जाए क्योंकि सेवा करना ही सैनिकों का धर्म होता है इसी परिप्रेक्ष्य में संगठन अपने दायित्व की निर्वाह करने का भरसक प्रयास करता है

इस अवसर पर संरक्षक महोदय के मार्गदर्शन में एक्स सूबेदार मेजर वीरेंद्र सिंह नेगी, अध्यक्ष विश्वनाथ पूर्व सैनिक संगठन, कोषाध्यक्ष सूबेदार तेजमल शाह, सुबेदार सुरेंद्र पश्चिमी, शम्भू सिंह पंवार, मीडिया प्रभारी गोपेश्वर प्रसाद भट्ट जी एवं बायना गांव के प्रधान प्रतिनिधि पूर्व सैनिक उपेंद्र सिंह राणा जी मौजूद रहे।

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