
देहरादून के विजयनगर-अधोईवाला क्षेत्र में आयोजित जनसभा में स्थानीय लोगों ने प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना के खिलाफ जोरदार विरोध जताया। सभा में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए।
वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2023 से मजदूर संगठनों, जन संगठनों, विपक्षी दलों और महिला समूहों द्वारा लगातार इस परियोजना का विरोध किया जा रहा है। इसके बावजूद सरकार द्वारा जनता की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है, जो कानून के खिलाफ है।
लोगों ने आरोप लगाया कि प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास और पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर अब तक कोई स्पष्ट योजना सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में सरकार इस परियोजना को जनहित में कैसे बता सकती है।
सभा में 15 सितंबर को रिस्पना नदी में आई बाढ़ का भी जिक्र किया गया। वक्ताओं का कहना था कि उस दौरान अधोईवाला क्षेत्र में कई घरों को नुकसान हुआ था। यदि उस समय एलिवेटेड रोड मौजूद होती, तो स्थिति और भयावह हो सकती थी और सैकड़ों घर बहने का खतरा था।
जनसभा में दून समग्र विकास अभियान द्वारा सुझाए गए विकल्पों—जैसे बसों की संख्या बढ़ाना, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, शहरी रोजगार गारंटी योजना लागू करना और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने—का भी समर्थन किया गया।
सभा के अंत में सर्वसम्मति से आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया।
इस दौरान चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल, राजेंद्र शाह, अशोक, लक्ष्मी, रश्मि, राजो सहित अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे।



