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मरम्मत के लिए रामझूला पुल पूरी तरह बंद, दिसंबर तक रहेगा आवागमन ठप; सावन और कांवड़ यात्रा से पहले व्यापारियों की बढ़ी चिंता

Ramesh Kuriyal
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ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश को जोड़ने वाले ऐतिहासिक रामझूला पुल को मरम्मत कार्य के लिए 25 जुलाई 2026 से सभी प्रकार की आवाजाही के लिए पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) नरेंद्र नगर के अनुसार पुल की व्यापक मरम्मत का कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद इसे दोबारा जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि पुल के 20 पाइलों (पायों) तथा 440 सस्पेंडर वायर को बदला जा रहा है। शासन से लगभग 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद मरम्मत कार्य शुरू किया गया है। विभाग का लक्ष्य दिसंबर तक कार्य पूरा कर पुल को सुरक्षित रूप से संचालित करना है।

वर्ष 1985 में निर्मित 220 मीटर लंबे और तीन मीटर चौड़े इस सस्पेंशन पुल से मुनि की रेती और स्वर्गाश्रम क्षेत्र जुड़े हुए हैं। पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए इसे प्रदेश के असुरक्षित पुलों की सूची में भी शामिल किया गया था।

दोपहिया वाहनों पर पहले ही लग चुकी थी रोक

रामझूला पुल पर दोपहिया वाहनों का संचालन 17 अगस्त 2023 से बंद है। उस समय भारी बारिश और गंगा में आए उफान के कारण पुल के सहायक तार क्षतिग्रस्त हो गए थे तथा संरचना में दरारें भी दिखाई दी थीं। इससे पहले जुलाई 2019 में कांवड़ यात्रा के दौरान भी सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से दोपहिया वाहनों के संचालन पर रोक लगाई गई थी।

लक्ष्मणझूला बंद होने के बाद बढ़ा था दबाव

करीब 92 वर्ष पुराने लक्ष्मणझूला पुल को सुरक्षा कारणों से 13 जुलाई 2019 को बंद कर दिया गया था। इसके बाद स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही का बड़ा भार रामझूला और जानकीसेतु पर आ गया था। अब रामझूला के भी बंद होने से क्षेत्र में आवागमन और अधिक प्रभावित हो गया है।

सावन और कांवड़ यात्रा से पहले बढ़ी परेशानी

रामझूला पुल का बंद होना ऐसे समय हुआ है, जब 28 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू होने जा रही है और सावन माह में तीर्थनगरी में श्रद्धालुओं की संख्या सबसे अधिक रहती है। पुल बंद होने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक वापस लौट रहे हैं, जिससे स्थानीय बाजारों में सन्नाटा छा गया है।

व्यापारियों का कहना है कि पुल बंद होने का सीधा असर दुकानों, होटलों, रेस्टोरेंट और रेहड़ी-पटरी व्यवसाय पर पड़ा है।

व्यापारी अनिल बिष्ट ने कहा कि सावन के दौरान सबसे अधिक भीड़ रहती है, लेकिन इस बार श्रद्धालु बाजार तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे बिक्री आधी रह गई है।

व्यापारी अशोक का कहना है कि बाहरी राज्यों से आने वाले कई यात्री पुल बंद देखकर लौट रहे हैं, जिसका सबसे अधिक नुकसान छोटे व्यापारियों को हो रहा है।

व्यापारी अभिषेक ने कहा कि पुल की मरम्मत आवश्यक है, लेकिन सावन से पहले वैकल्पिक मार्ग और प्रभावी सूचना व्यवस्था की जानी चाहिए थी, ताकि श्रद्धालुओं और व्यापारियों को असुविधा न होती।

वहीं भगवान सिंह गुसाई ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से बाजारों में ग्राहकों की संख्या काफी कम हो गई है। उन्होंने प्रशासन से व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

विभाग का दावा

लोक निर्माण विभाग का कहना है कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुल को पूरी तरह बंद किया गया है। निर्धारित समय के भीतर मरम्मत कार्य पूरा कर दिसंबर 2026 तक रामझूला पुल को दोबारा आम जनता के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है।

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