मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) के डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। कॉलेज के ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलॉजी विभाग के एचओडी प्रो. सिवन सतीश की अकादमिक पुस्तक ‘एडवांस्ड इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक ट्रेंड्स इन ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल रेडियोलॉजी’ को विश्व के प्रतिष्ठित प्रकाशक स्प्रिंगर नेचर ने प्रकाशित किया है। स्प्रिंगर नेचर के साथ हुए अनुबंध के तहत प्रो. सतीश को 1.30 लाख रुपये की रॉयल्टी भी प्रदान की गई है।
19 वर्षों का अनुभव, कई उपलब्धियां
करीब 19 वर्षों के शैक्षणिक एवं अकादमिक अनुभव वाले प्रो. सिवन सतीश ग्लासगो, यूके स्थित रॉयल कॉलेज से एमएफडीएस हैं। उनकी उपलब्धियों की सूची भी काफी लंबी है। उन्हें अब तक चार पेटेंट और तीन कॉपीराइट प्राप्त हो चुके हैं। इसके अलावा उनके तीन कैटेगरी-वन इंटरनेशनल पेपर और 35 नेशनल रिसर्च पेपर प्रकाशित हो चुके हैं।
डेंटल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. प्रदीप तांगड़ें और वाइस प्रिंसिपल डॉ. अंकिता जैन ने प्रो. सतीश की इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि टीएमयू के लिए गौरव का विषय है और इससे संस्थान की अकादमिक एवं शोध गतिविधियों को नई पहचान मिलेगी।
आधुनिक तकनीक से बीमारी की सटीक पहचान पर जोर
प्रो. सिवन सतीश ने बताया कि यह पुस्तक डेंटल के यूजी और पीजी विद्यार्थियों के साथ-साथ रिसर्च स्कॉलर्स के लिए भी उपयोगी साबित होगी। पुस्तक में ओरल और मैक्सिलोफेशियल रेडियोलॉजी में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक इमेजिंग एवं डायग्नोस्टिक तकनीकों को विस्तार से समझाया गया है।
उन्होंने बताया कि एमआरआई, सीटी स्कैन और सीबीसीटी स्कैन जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से दांतों, जबड़े और चेहरे से जुड़ी गंभीर बीमारियों की सटीक पहचान में मदद मिल सकती है। पुस्तक में मुंह के कैंसर समेत विभिन्न रोगों की शुरुआती पहचान और आधुनिक डायग्नोसिस से जुड़ी तकनीकों पर भी विशेष जानकारी दी गई है।
प्रो. सतीश के मुताबिक, पुस्तक के माध्यम से दुनिया भर के डेंटिस्ट, डेंटल फैकल्टी और रिसर्च स्कॉलर्स ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल रेडियोलॉजी में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक एवं इनोवेटिव डायग्नोस्टिक तकनीकों को समझ सकेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पुस्तक डेंटल शिक्षा और शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री के रूप में उपयोगी साबित होगी।



