
देहरादून। सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र में तेल उत्खनन (आयल रिग) के उपकरण बनाने वाली एक फर्म पर राज्य कर (स्टेट जीएसटी) विभाग ने छापेमारी की। जांच में सामने आया कि फर्म लंबे समय से टैक्स चोरी में लिप्त थी और फर्जी खरीद दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का गलत लाभ ले रही थी।
विभागीय जांच में पाया गया कि फर्म अपनी कर देयता कम करने के लिए कागजों में फर्जी खरीद दर्शा रही थी। इसके माध्यम से यह दिखाया जा रहा था कि खरीद पर टैक्स अदा किया गया है, ताकि उस टैक्स को आईटीसी के रूप में समायोजित कर वास्तविक कर देयता को कम किया जा सके।
यह कार्रवाई आयुक्त राज्य कर सोनिका के निर्देशन तथा अपर आयुक्त डीएस नबियाल और संयुक्त आयुक्त अजय सिंह के मार्गदर्शन में की गई। उपायुक्त सुरेश कुमार के नेतृत्व में कुल सात टीमों ने फर्म और उसी परिसर में संचालित कुछ अन्य फर्मों पर एक साथ छापेमारी की।
जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित फर्म अपनी सहयोगी फर्मों के साथ फर्जी खरीद-बिक्री दिखा रही थी। इसके अलावा कुछ अस्तित्वहीन फर्मों के साथ भी माल के परिवहन का रिकॉर्ड तैयार किया गया था, जबकि वास्तव में किसी प्रकार का परिवहन नहीं हुआ था। इस तरह बोगस बिलों के माध्यम से कर चोरी की जा रही थी।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने कारोबार से जुड़े बड़ी संख्या में दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डाटा कब्जे में लिया है। विभाग के हाथ कर चोरी के ठोस प्रमाण लगने के बाद संबंधित फर्म और उसकी सहयोगी फर्मों ने मौके पर ही 3.4 करोड़ रुपये जमा करा दिए।
उपायुक्त सुरेश कुमार ने बताया कि जब्त किए गए रिकॉर्ड का परीक्षण किया जा रहा है और जांच के बाद कर चोरी की राशि और बढ़ने की संभावना है।
कार्रवाई करने वाली टीम में उपायुक्त सुरेश कुमार के साथ विजय कुमार, टीआर चन्याल, अलीशा बिष्ट, असद अहमद और बीएस जंगपांगी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।



