टीएमयू का फार्मेसी कॉलेज करेगा नेशनल कॉन्फ्रेंस-फार्मा अन्वेषण 2026 की मेजबानी

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद का तीर्थंकर महावीर कॉलेज ऑफ फार्मेसी, फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से 25 मार्च को राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस पर आयोजित प्रतिष्ठित शैक्षणिक पहल फार्मा अन्वेषण 2026 की मेजबानी करेगा। देशभर के लगभग 4,000 फार्मेसी संस्थानों में से तीर्थंकर महावीर कॉलेज ऑफ फार्मेसी समेत केवल 25 कॉलेजों को इसके आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कार्यक्रम में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष श्री जशुभाई हीराभाई चौधरी बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत करेंगे। साथ ही फाइनेंस समिति के चेयरमैन प्रो. विभु साहनी, फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के रजिस्ट्रार-कम-सेक्रेटरी श्री अनिल मित्तल, फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के सेंट्रल मेम्बर प्रो. नीरज उपमन्यु, सेंट्रल मेम्बर प्रो. अंबर व्यास, सेंट्रल मेम्बर प्रो. आकाश वेद, उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष श्री संदीप बडोला के संग-संग विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तर के अधिकारी भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। फार्मा अन्वेषण 2026 का मुख्य विषय भविष्य का फार्मा इकोसिस्टमः शिक्षा, उद्योग, अनुसंधान, नियमन और व्यवहार के बीच समन्वय है। पैनल डिसकशन मे भारत की फार्मा कंपनियों और उच्च शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य एंड प्रोफेसर्स भविष्य का फार्मा इकोसिस्टम कैसा होना चाहिए और किन महती प्रयासों की आवश्यकता है पर विचार रखेंगे। कार्यक्रम में आइडिया पिचिंग प्रतियोगिताएं, स्टार्टअप एवं उद्यमिता प्रस्तुतियां, शोध पत्र एवं पेटेंट प्रस्तुतियां, पोस्टर प्रस्तुतियां, कार्यशील एवं संकल्पनात्मक मॉडल प्रदर्शन सरीखी शैक्षणिक एवम् नवाचार गतिविधियों से छात्रों और शोधकर्ताओं में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
एमवीएन यूनिवर्सिटी हरियाणा के प्रो. एमेरिटस डॉ. देवेंद्र पाठक, जीएम मोदी मुंडी फार्मा मोदीपुरम के डॉ. राजेश अग्रवाल, एमओईएफ सीसी के एडिशनल डायरेक्टर साइंटिस्ट ई डॉ. अच्युतानंद शुक्ला, इन्मितो हेल्थ टेक प्राइवेट लिमिटेड, फरीदाबाद के डायरेक्टर श्री नवीन खन्ना आदि विशेषज्ञ व्याख्यानों में फार्मा क्षेत्र के नवीन आयामों पर विस्तार से प्रकाश डालेंगे। इंडस्ट्री-एकेडेमिया पैनल चर्चा में सीटीएसआई जामिया हमदर्द दिल्ली के डायरेक्टर प्रो. मयमूना अख्तर, चरक स्कूल ऑफ़ फार्मेसी, मेरठ की प्राचार्या प्रो. वैशाली एम. पाटिल, आईपीसी गाजियाबाद की डॉ. मीनाक्षी दहिया, रेगुलेटरी अफेयर्स थर्माेफिशर साइंटिफिक कं. गुरुग्राम की मैनेजर श्रीमती अदिति भारद्वाज, बरेली डिवीज़न की ड्रग इंस्पेक्टर श्रीमती उर्मिला वर्मा, एसडी कॉलेज मुज़फ्फरनगर के डायरेक्टर डॉ. अरविंद कुमार, दत्त मेडी प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, दिल्लीं के सीनियर जीएम क्लिनिकल ऑपरेशन्स डॉ. नीरज कुमार आदि शामिल रहेंगे।
फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य और कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर प्रो. आशु मित्तल एवम् कन्वीनर प्रो. फूलचंद्र ने बताया, यह राष्ट्रीय समागम देशभर के छात्रों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों के लिए ज्ञान के आदान-प्रदान, नवाचार और पेशेवर नेटवर्किंग के लिए मील का पत्थर साबित होगा। पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विकसित करने, शिक्षा प्रणाली में डिजिटल सुधार लाने तथा क्लिनिकल फार्मेसी शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे प्रयासों के माध्यम से फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया देशभर में फार्मेसी शिक्षा और पेशेवर मानकों को सुदृढ़ करने में निरंतर योगदान दे रहा है। उल्लेखनीय है, देश में फार्मेसी शिक्षा के जनक महादेव लाल श्रॉफ की जयंती के उपलक्ष्य में यह आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने 1937 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में देश का पहला संगठित बैचलर ऑफ फार्मेसी- बी.फार्म पाठ्यक्रम प्रारंभ कर आधुनिक फार्मेसी शिक्षा की नींव रखी थी। उनके दूरदर्शी प्रयासों ने फार्मेसी को एक पारंपरिक व्यवसाय से वैज्ञानिक एवं शोध-आधारित पेशे में परिवर्तित किया।



