
देहरादून। राजधानी में एक युवा डॉक्टर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई है। डॉ. तन्वी का शव उनकी कार में मरणासन्न हालत में मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उन्होंने कार के भीतर खुद को पोटेशियम क्लोराइड (केसीएल) इंजेक्शन के जरिए ड्रिप लगाई थी, जिससे ओवरडोज के चलते उनकी मौत हो गई।
मृतका के पिता ललित मोहन के अनुसार, तन्वी मंगलवार रात करीब 9 बजे श्रीमहंत इन्दिरेश अस्पताल में मरीजों को देखने के लिए घर से निकली थीं। इस दौरान उन्होंने अपने पिता से बातचीत में मानसिक रूप से परेशान होने की बात कही और उन्हें देहरादून आने के लिए कहा। उन्होंने विभागाध्यक्ष (HOD) की शिकायत करने की भी बात कही थी।
करीब 11:15 बजे तन्वी ने अपनी मां को मैसेज कर बताया कि वह देर से घर पहुंचेगी। यह बात परिवार को असामान्य लगी। इसके बाद पिता ने कई बार फोन और मैसेज किए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। स्थिति को लेकर चिंतित पिता रात 11:45 बजे अंबाला से देहरादून के लिए रवाना हो गए।
कार में मिलीं मरणासन्न, अस्पताल में तोड़ा दम
रात करीब 2 बजे देहरादून पहुंचकर पिता और मां ने तन्वी की तलाश शुरू की। अस्पताल से कारगी रोड की ओर शनि मंदिर के पास उनकी कार सड़क किनारे खड़ी मिली। अंदर देखने पर तन्वी सीट पर अचेत अवस्था में पड़ी थीं।
पिता ने शीशा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कार की दूसरी सीट पर चार खाली इंजेक्शन वायल मिले, जबकि लटकी बोतल पूरी तरह खाली थी।
इकलौती बेटी की मौत से परिवार बदहवास
पिता ने बताया कि तन्वी उनकी इकलौती बेटी थी, जबकि उनका बेटा अंबाला में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। तन्वी अपने बैच की सबसे कम उम्र की डॉक्टर थीं और उनका सपना एक बड़ा डॉक्टर बनने का था।
केसीएल ओवरडोज बना मौत की वजह?
विशेषज्ञों के अनुसार पोटेशियम क्लोराइड का उपयोग शरीर में पोटेशियम की कमी होने पर किया जाता है। लेकिन इसकी अधिक मात्रा शरीर में जाने पर हाइपरकैलीमिया की स्थिति बन जाती है, जिससे दिल की धड़कन अनियमित (एरिद्मिया) हो सकती है और जान जाने का खतरा बढ़ जाता है।
चूंकि तन्वी स्वयं डॉक्टर थीं, ऐसे में माना जा रहा है कि उन्हें इस दवा के प्रभाव की पूरी जानकारी थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।



