नई टिहरी। टिहरी गढ़वाल के सकलाना क्षेत्र स्थित पूजारगांव के पीएम श्री नागेंद्र सकलानी विद्यालय में शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में नशामुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल बिष्ट ने की।
कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारी एवं नशामुक्त भारत अभियान से जुड़े देवी सिंह पंवार ने छात्र-छात्राओं को उत्तराखंड की संस्कृति, देवी-देवताओं और महापुरुषों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को हर प्रकार के नशे से दूर रहकर अपने लक्ष्य, उद्देश्य और भक्ति का नशा करना चाहिए। साथ ही माता-पिता की सेवा और समाज के प्रति जिम्मेदारी को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
पंवार ने छात्र-छात्राओं से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे किसी भी मांगलिक कार्यक्रम में शराब परोसने की परंपरा को बढ़ावा नहीं देंगे और स्वयं भी किसी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में युवा पीढ़ी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
शांतिकुंज हरिद्वार से पहुंचे बीपी बधानी ने छात्र-छात्राओं को पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य, वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा और गायत्री परिवार के कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार का उद्देश्य समाज में संस्कार, सेवा और सकारात्मक सोच का प्रसार करना है।
कार्यक्रम को किरण कुमार ने भी संबोधित किया। इस दौरान सुधीर सिंह नेगी, ओम प्रकाश प्रजापति, मानसिंह लिंगवाल, रजनी बहुगुणा, पल्लवी शर्मा, राकेश नेगी, रेखा उप्रेती, कमलेश सकलानी, अमरेंद्र निरंजन, अतुल रमोला, वीरेंद्र रावत, सुरेश सकलानी, हिमानी रमोला, लाजवंती चौहान, अनीता कुमार, सुमन कुमारी, बबीता थानी, हेमंत कुकरेती सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
10 विद्यालयों तक पहुंचा शांतिकुंज का संदेश
कार्यकर्ताओं ने बताया कि जनपद टिहरी गढ़वाल के करीब 10 विद्यालयों में शांतिकुंज हरिद्वार के संदेश को छात्र-छात्राओं तक पहुंचाया जा चुका है। अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। अभियान का उद्देश्य गांव-गांव, गली-गली और प्रत्येक विद्यालय तक पहुंचकर युवाओं को नशे से दूर रहने, संस्कारवान बनने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करना है।
सरस्वती विद्या मंदिर में भी हुआ जागरूकता कार्यक्रम
इसके बाद सरस्वती विद्या मंदिर में भी छात्र-छात्राओं को नशामुक्ति और संस्कारों के प्रति जागरूक किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य चिरंजीवी डबराल ने शांतिकुंज से आए सदस्यों का स्वागत किया। वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ, संस्कारवान और नशामुक्त युवा ही विकसित एवं सशक्त भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।



