
उत्तरकाशी। डुंडा विकासखंड के मातली गांव में मंगलवार देर रात भारी बारिश के बाद दो बरसाती गदेरे उफान पर आ गए। इसके चलते कई घरों में पानी और मलबा घुस गया। हालात बिगड़ने पर करीब 20 परिवारों ने घर छोड़कर नजदीकी होटलों में शरण ली।
स्थानीय निवासी अरविंद उनियाल, सुभाष जुयाल और राजपाल पंवार ने बताया कि दुग्ध डेयरी और आंबेडकर भवन के समीप गदेरों का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इससे गांव के 20 से अधिक घरों में पानी और मलबा भर गया। डर के कारण ग्रामीणों ने रातभर रतजगा किया और कई परिवार सुरक्षित स्थानों पर चले गए।
इसी दौरान मातली में गंगोत्री हाईवे पर भारी मलबा आ गया, जिससे हाईवे करीब पांच घंटे तक बंद रहा। बीआरओ की टीम ने मलबा हटाकर यातायात बहाल तो कर दिया, लेकिन सड़क पर कीचड़ और दलदल जैसी स्थिति बनी रहने से लोगों को आवाजाही में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
केवल मातली ही नहीं, बल्कि जोशियाड़ा, कोटी, बोंगा रोड और गोफियारा क्षेत्र में भी नाले उफान पर आने से कई घरों में पानी घुस गया। नालों के तेज बहाव से कई घरों की सुरक्षा दीवारें और आंगन क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीणों ने पूरी रात जागकर किसी तरह हालात का सामना किया।