
देवाल ब्लॉक के ऐरठा गांव में सड़क न होने की समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। वर्ष 2021 में स्वीकृत पदमल्ला–कंजरू–ऐरठा आठ किलोमीटर सड़क का निर्माण चार साल बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। इसके चलते गांव के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गुरुवार को गांव की बीमार महिला हिमांती देवी (पत्नी खड़क राम) को ग्रामीणों ने डंडी के सहारे करीब पांच किलोमीटर पैदल चलकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया।
अनुसूचित जाति बाहुल्य ऐरठा गांव में सड़क नहीं होने से ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। खासकर बीमार लोगों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को रोजाना जोखिम भरे पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है।
ग्राम प्रधान प्रेमा देवी ने बताया कि वर्ष 2021 में पदमल्ला–कंजरू–ऐरठा सड़क को स्वीकृति मिली थी, लेकिन चार साल बीत जाने के बावजूद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि कई बार संबंधित विभागीय अधिकारियों से सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो ग्रामीण आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने पर मजबूर होंगे।





