
देहरादून। राज्य में नए शैक्षिक सत्र के साथ ही इस बार स्कूली बच्चों को समय पर मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। कक्षा एक से आठवीं तक के 6.29 लाख विद्यार्थियों को एक अप्रैल से ही किताबें देने का लक्ष्य तय किया गया है।
शिक्षा विभाग ने प्रथम चरण में 43.78 लाख पाठ्यपुस्तकों का प्रकाशन करीब एक माह पहले ही शुरू कर दिया था, ताकि सत्र प्रारंभ होते ही अधिकतर विषयों की किताबें छात्रों तक पहुंच सकें।
वहीं, अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से कक्षा नौवीं से 12वीं तक के 3.44 लाख छात्र-छात्राओं के लिए करीब 38.22 लाख पाठ्यपुस्तकों का वितरण शुरू किया जाएगा। विभाग द्वारा प्रकाशन कार्य की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे अप्रैल माह में ही सभी छात्रों को किताबें उपलब्ध कराई जा सकें।
प्रदेश में 16 हजार से अधिक राजकीय और सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में कक्षा एक से 12 तक के 9.73 लाख विद्यार्थियों के लिए हर वर्ष करीब 82 लाख पाठ्यपुस्तकों की आवश्यकता होती है। इन पर सरकार लगभग 57 करोड़ रुपये खर्च करती है।
हालांकि, पिछले पांच वर्षों में सत्र की शुरुआत में किताबें समय पर उपलब्ध कराना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना रहा है। कई बार दूरदराज के स्कूलों में अगस्त-सितंबर तक भी किताबें नहीं पहुंच पाती थीं, जिसकी शिकायतें लगातार मिलती रही हैं।
इस बार समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने छह महीने पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी। निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती के अनुसार, पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन और खरीद की प्रक्रिया अक्टूबर 2025 में ही शुरू कर दी गई थी। सभी जिलों से छात्रों की संख्या के आधार पर पुस्तकों का ब्योरा लिया गया और समय पर टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई।
विभाग को उम्मीद है कि इस बार छात्रों को सत्र की शुरुआत में ही किताबें उपलब्ध हो जाएंगी।



