ढालवाला। सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन मुनिकीरेती-ढालवाला के सह संयोजक और मूल निवासी कांधला (मुजफ्फरनगर), हाल निवासी शांतिनगर ढालवाला, 74 वर्षीय रामेश्वर दयाल वेदी के आकस्मिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। उनका अंतिम संस्कार चंद्रेश्वर घाट पर किया गया। उनके इकलौते पुत्र आदित्य ने चिता को मुखाग्नि दी।
दिवंगत शिक्षक के सम्मान और स्मरण में सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन मुनिकीरेती-ढालवाला की ओर से शोकसभा आयोजित की गई। इसमें दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह कृषाली ने कहा कि रामेश्वर दयाल वेदी आकर्षक व्यक्तित्व के धनी और शिक्षक समाज के लिए आदर्श थे। उन्होंने राजकीय सेवा पूरी निष्ठा और शानदार तरीके से निभाई। शिक्षक समाज हमेशा उनके योगदान का ऋणी रहेगा और उनकी छवि शिक्षकों के हृदय में सदैव बनी रहेगी।
शाखा अध्यक्ष शूरवीर सिंह चौहान ने कहा कि मृत्यु शाश्वत सत्य है और इससे डरने के बजाय जीवन में किए गए अच्छे कार्यों को याद रखना चाहिए। उन्होंने वेदी को अपने कार्य के प्रति समर्पित, निष्ठावान और प्रतिभावान शिक्षक बताया।
संगठन के कोषाध्यक्ष जबर सिंह पंवार ने कहा कि वेदी का व्यक्तित्व, कार्यशैली और सामाजिक समरसता हमेशा संगठन के सदस्यों के हृदय में बनी रहेगी। उनके कार्य सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे। सचिव भगवती प्रसाद उनियाल ने उन्हें मृदुभाषी और स्वाभिमानी व्यक्ति बताया।
देवेंद्र दत्त जोशी ने कहा कि वेदी का व्यवहार हमेशा सौहार्दपूर्ण रहा। वह सभी के लिए प्रेरणास्रोत थे। संगठन के संरक्षक खुशहाल सिंह राणा ने कहा कि उनके निधन से संगठन को अपूरणीय क्षति हुई है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोपाल दत्त खंडूड़ी ने कहा कि वेदी एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ शिक्षक के रूप में हमेशा याद किए जाएंगे।
शोकसभा में वीरेंद्र सिंह कृषाली, शूरवीर सिंह चौहान, जबर सिंह पंवार, भगवती प्रसाद उनियाल, खुशहाल सिंह राणा, गोपाल दत्त खंडूड़ी, हृदयराम सेमवाल, देवेंद्र दत्त जोशी, दिगंबर प्रसाद वेदवाल, कृष्ण कुमार वर्मा, प्रेम सिंह चौहान, गोरा सिंह पोखरियाल, शक्तिप्रसाद सेमल्टी, कैलाश चंद्र पैन्यूली, लालाराम पैन्यूली और शंकर दत्त पैन्यूली सहित संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।



