उत्तरकाशी। रामचंद्र उनियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के बीएड विभाग में मंगलवार को ईपीसी (पेशेवर क्षमता संवर्धन) कार्यक्रम के तहत आर्ट एंड क्राफ्ट और क्षेत्रीय पारंपरिक भोजन की आकर्षक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
बीएड प्रथम सेमेस्टर (सत्र 2025-27) के प्रशिक्षुओं ने डॉ. डी. के. सिंह और डॉ. सुषमा के मार्गदर्शन में यह आयोजन किया। कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षुओं ने स्वनिर्मित आर्ट एंड क्राफ्ट सामग्री की प्रदर्शनी लगाई, जिसमें उनकी रचनात्मकता और शिक्षण कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला।
इसी क्रम में क्षेत्रीय पारंपरिक व्यंजनों की भी प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें गुलगुले, कद्दू का रायता, पंचमेल दाल, कंडाली की कापली, पिनाऊ, लिंघड़े की सब्जी, लाल चावल, गहत का फाणु, झंगौरे की खीर, मंडुवा की रोटी, सिड्डू, चौलाई के लड्डू, गहत की पूरी, तिल के सिड़े समेत कई स्थानीय व्यंजन शामिल रहे।
कार्यक्रम में प्राचार्य प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. बच्चन लाल ने प्रदर्शनी का निरीक्षण कर प्रशिक्षु अध्यापकों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने शिक्षण सामग्री और पारंपरिक व्यंजनों की सराहना करते हुए इसे व्यवहारिक शिक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
इस अवसर पर डॉ. आर.डी. नौटियाल, डॉ. चंद्रमोहन कोटनाला, डॉ. हरीश यादव, डॉ. दीपक भंडारी, डॉ. सोहन पाल भंडारी, डॉ. सुनीता पंवार, डॉ. मधु बहुगुणा, डॉ. नीतू राज, डॉ. नेहा गोस्वामी, डॉ. नेहा तिवारी, श्रीमती पूनम नेगी और श्री ममराज चौहान सहित बीएड प्रथम वर्ष के सभी प्रशिक्षु अध्यापक उपस्थित रहे।



