जीवनवाला (देहरादून)। स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय में उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्य मंत्री और पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक की अध्यक्षता में ‘लेखक गांव’ से संबंधित बैठक आयोजित हुई। डा.पोखरियाल ने बताया कि लेखक गांव स्पर्श हिमालय अभियान का हिस्सा है। लेखक गांव का उद्देश्य देश-दुनिया के उन विलक्षण विद्वान साहित्यकारों,गीतकारों,कलाकारों को ठिकाना प्रदान करना है,जिनकी लेखनी ने अनेक कालजयी रचनाओं का सृजन किया। कई लेखक जीवन के अंतिम पड़ाव में आर्थिक कठिनाई या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझते हैं। ऐसे में उनके भटकाव भरे जीवन को यहां सहेजने का कार्य होगा। साथ ही नये लेखकों को भी अपनी रचनाधर्मिता को निखारने का अवसर मिल सकेगा। लेखक गांव का स्वरूप आवासीय होगा जिसमें पुस्तकालय, ध्यान-योग केंद्र, सभागार सहित भोजन आदि की भी समुचित व्यवस्था होगी। लेखन कुटीर में लेखकों को आवासीय व अध्ययन-लेखन की सुविधायें मिलेंगी। देहरादून के पर्वतीय अंचल में ग्राम थानों के निकट विकसित हो रहा यह गांव संभवतः देश का प्रथम ‘लेखक गांव’ बनेगा। बैठक में सुप्रसिद्ध साहित्यकार डा.सविता मोहन,विदूषी निशंक,सेवानिवृत्त प्राचार्य डा.के.एल.तलवाड़,अरमान कपूर,बालकृष्ण चमोली,ईशान ममगांई, हिमांशु दरमोड़ा, विजय कृष्ण नवानी, अमित पोखरियाल व पूजा पोखरियाल आदि मौजूद रहे।
देहरादून के पर्वतीय अंचल ग्राम थानों के निकट आकार ले रहा है ‘लेखक गांव’

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