देहरादून। उत्तराखंड में अब हर खिलाड़ी की आधार आधारित यूनिक आईडी बनाई जाएगी। इसके जरिए खेल विभाग के पास प्रत्येक खिलाड़ी का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इससे खिलाड़ियों की प्रतिभा, प्रदर्शन और प्रगति पर लगातार नजर रखने के साथ उन्हें समय पर आवश्यक सहयोग देना आसान होगा। यह व्यवस्था राज्य की नई खेल नीति में शामिल की जा रही है, जिसे जल्द कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा।
केंद्र सरकार की नई खेल नीति के अनुरूप राज्यों को अपनी खेल नीतियों में आवश्यक बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। इन्हीं मानकों के आधार पर उत्तराखंड खेल विभाग नई नीति तैयार कर रहा है। राज्य की मौजूदा खेल नीति वर्ष 2021 में पांच वर्षों के लिए लागू की गई थी, जिसकी अवधि अब पूरी होने जा रही है।
नई खेल नीति में खिलाड़ियों के समग्र विकास के साथ खेल अवसंरचना, खेल सामग्री निर्माण, खेल शिक्षा, फिटनेस अभियान और डिजिटल प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है। खिलाड़ियों के खेल प्रदर्शन के साथ उनके शैक्षणिक प्रदर्शन पर भी नजर रखी जाएगी। इसके लिए खेल प्रतिभाओं का शैक्षणिक रिपोर्ट कार्ड तैयार करने का प्रस्ताव है, ताकि शिक्षा और खेल के बीच बेहतर संतुलन बनाया जा सके।
डोपिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं, स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फिट उत्तराखंड अभियान और फिट इंडिया कैंपस चैलेंज को भी नई नीति में शामिल किया गया है। इसके तहत विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में खेल एवं फिटनेस गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
नई नीति में खेल पत्रकारिता को प्रोत्साहित करने के साथ प्रदेश के खिलाड़ियों, प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण केंद्रों और खेल उपलब्धियों से जुड़ी सभी जानकारियों को एक ही मंच पर उपलब्ध कराने के लिए यूनिफाइड स्पोर्ट्स पोर्टल विकसित करने का भी प्रस्ताव है।
विशेष प्रमुख सचिव (खेल) अमित सिन्हा ने बताया कि नई खेल नीति का प्रारूप तैयार हो चुका है। विभागीय मंत्री की मंजूरी के बाद इसे कैबिनेट के समक्ष अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।



