स्वस्थ जीवन के लिये शिक्षा के साथ ही खेल भी जरूरी

Ramesh Kuriyal
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कमलेश्वर प्रसाद भट्ट

उत्तराखंड, देहरादून के रायपुर विकासखंड स्थित राजकीय इण्टर कॉलेज बुरांसखंडा में भले ही खेल मैदान की रिक्तता हो किन्तु बच्चों को इस कमी का अहसास न हो, विद्यालय प्रशासन द्वारा इसका पूर्ण ध्यान रखा जा रहा है।
बच्चों के लिए टेबल टेनिस सुविधा उपलब्ध करते हुए प्रधानाचार्य दीपक नेगी का कहना है कि विद्यार्थियों में खेल भावना को विकसित कर उनकी एकाग्रता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। निश्चित रूप से उनका मानसिक व शारिरिक विकास होगा और वे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ाव महसूस करेंगे। उनका मानना है कि बच्चों को खेल के अवसर प्रदान करने से भी हम उन्हें सिखने में मदद करते हैं। खेल क्रियाओं के माध्यम से बच्चे स्वयं दैनिक जीवन में होने वाली घटनाओं के बारे में बहुत कुछ जानकारी हासिल कर लेते हैं।
वास्तव में बालक हों अथवा बालिका, बल्कि किसी भी आयु वर्ग के लिए नियमित खेल उसके मानसिक एवं शारीरिक कौशल विकास का अहम हिस्सा है। खेल से जहाँ हमारी सोच सकारात्मक रूप से विकसित होती है, वहीं हमारे अन्दर स्वानुशासन एवं एकाग्रता भी बढ़ती है। खेल जहाँ हमारे शरीर को फिट रखने में मदद करते हैं, वहीं आज की भागमभाग नीरसता भरी जिन्दगी में नवीन ऊर्जा का संचार होने लगता है और हम तनावमुक्त होकर वेहतर महसूस करने लगते हैं।
बच्चों की सकारात्मक ऊर्जा को सही दिशा देने के उद्देश्य से व्यायाम प्रशिक्षक रवि रावत द्वारा पहाड़ी क्षेत्र स्थित दुर्गम विद्यालय में इनडोर गेम की व्यवस्था की गई। जिसमें मुख्यतः टेबल टेनिस, कैरम, चैस एवं बैडमिंटन के अलावा खो-खो, कबड्डी आदि स्थानीय खेलों को भी महत्व दिया जा रहा है।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य दीपक नेगी, वरिष्ठ प्रवक्ता एन वी पन्त, आर के चौहान, कमलेश्वर भट्ट, भास्कर रावत, प्रियंका घनस्याला, रीना तोमर, जे पी नौटियाल, जी वी सिंह, सुमन हटवाल, मनीषा शर्मा व संगीता जायसवाल आदि ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं की खेल को प्रोत्साहित किया।

 

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