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फर्जी राशन कार्ड सरेंडर नहीं किये तो जायेंगे जैल

देहरादून। बड़ी संख्य में बाहरी प्रदेशों के नागरिकों की ओर से फर्जी राशनकार्ड बनाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की खबरें समय समय पर उजागर होती रहीं हैं । पशचिमी उत्तरप्रदेश और बिहार के लोगों की इस मामले में सबसे ज्यादा तादाद है विभाग में एसा गिरोह भी सर्किया है जो पैसे लेकर फर्जी राशनकार्ड बनवाते हें। अब सरकार ने फर्जी राशनकार्ड के मामले में सख्ती बरतने का निर्णय लिया है। सरकार ने साफ किया है कि एक से अधिक स्थानों पर राशन कार्ड का लाभ लेने वाले एवं फर्जी तरीके से राशनकार्ड बनवाने वाले अपने कार्ड सरेंडर करदें अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करी जायेगी

प्रदेश में फर्जी और अपात्र राशन कार्डधारकों पर जल्द गाज गिरेगी। फर्जी कार्डधारकों से अब तक लिए गए राशन की वसूली के साथ ही उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किए जाने की तैयारी है। वर्तमान में उत्तराखंड में 14 लाख से अधिक अंत्योदय एवं प्राथमिक परिवार राशन कार्डधारक हैं। अंत्योदय राशनकार्ड धारक तीन रुपये किलो चावल व दो रुपये किलो के हिसाब से गेहूं दिया जाता है। इसके अलावा पांच किलो फ्री राशन मिलता है।
प्रदेश में एक लाख 84 हजार से अधिक अंत्योदय एवं 12 लाख 27 हजार से अधिक प्राथमिक परिवारों के राशन कार्ड धारक हैं। इनमें बड़ी संख्या में फर्जी एवं अपात्र राशन कार्ड धारक हैं। जो हर महीने गरीबों को मुफ्त एवं बहुत कम कीमत पर मिलने वाले राशन का लाभ ले रहे हैं। सरकार फर्जी एवं अपात्र राशन कार्ड धारकों को पहले राशन कार्ड को पूर्ति निरीक्षक कार्यालय में सरेंडर के लिए दस दिनों का समय देगी।

इस अवधि में राशन कार्ड सरेंडर करने वालों के खिलाफ किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं होगी। उनका नाम व पता भी गोपनीय रखा जाएगाए लेकिन तय समय के बाद राशन कार्ड सरेंडर न होने पर राशन की वसूली के साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
विभाग अपात्र होने के बावजूद हर महीने अंत्योदय और प्राथमिक परिवार राशन कार्ड धारकों का राशन ले रहे कार्डधारकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी करेगा। इस नंबर पर ऐसे फर्जी व अपात्र राशन कार्ड धारकों के खिलाफ शिकायत करने वाले का नाम व पता गोपनीय रखा जाएगा।
रेखा आर्यए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री-गरीबों के हक का राशन ले रहे अपात्र राशन कार्ड धारकों के खिलाफ सरकार बड़ी कार्रवाई करने जा रही है। इनसे अब तक के राशन की रिकवरी के साथ ही इनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है।

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