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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पखवाड़े में मालधन में युद्ध विरोधी सभा

मालधन (रामनगर)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित पखवाड़े के तहत महिला एकता मंच की ओर से मालधन चंद्रनगर में युद्ध विरोधी सभा का आयोजन किया गया। सभा में मौजूद महिलाओं ने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान व लेबनान पर किए गए हमलों को आतंकवादी कार्रवाई बताते हुए इसके खिलाफ पूरी दुनिया की जनता से एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।

सभा को संबोधित करते हुए महिला एकता मंच की संयोजक ललिता रावत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मजदूर महिलाओं के अपने अधिकारों के लिए किए गए संघर्षों को याद करने का दिन है। लेकिन आज भाजपा और कांग्रेस जैसे दलों ने महिला दिवस को महिला संगीत और नाच-गाने के कार्यक्रमों तक सीमित कर इसकी मूल भावना के साथ मजाक किया है। उन्होंने कहा कि आज भी समाज में महिलाओं के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है। कानून में समानता का अधिकार होने के बावजूद घर, समाज, दफ्तर और कार्यस्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव और यौन उत्पीड़न की घटनाएं जारी हैं।

भगवती ने कहा कि महिला दिवस महिलाओं को एकजुट होकर समानता और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष का संकल्प लेने का दिन है।

समाजवादी लोक मंच के संयोजक मुनीष कुमार ने कहा कि अमेरिका के हमलों के बाद दुनिया भर में जरूरी वस्तुओं के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की उदारीकरण और वैश्वीकरण की नीतियों के कारण देश खाद, तेल, गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं के लिए विदेशी देशों पर निर्भर हो गया है। वर्तमान में भारत लगभग 85 प्रतिशत पेट्रोलियम और आधे से अधिक कुकिंग गैस तथा खेती में इस्तेमाल होने वाली खाद के लिए आयात पर निर्भर है।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संकट की स्थिति में इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर पड़ता है। इस समय कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच रहे हैं। ईरान द्वारा हार्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता बंद किए जाने से खाड़ी देशों से आने वाले कच्चे तेल, गैस और खाद की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

मुनीष कुमार ने कहा कि देश में गैस के दामों में 60 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई है। साथ ही कमर्शियल सिलेंडरों की कमी के कारण चाय की दुकानों, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारों पर संकट खड़ा हो गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान जैसे देशों पर हमले का उद्देश्य वहां के कच्चे तेल और प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करना है। उन्होंने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध सहित वैश्विक हालात दुनिया को विनाशकारी युद्ध की ओर धकेल रहे हैं।

कार्यक्रम का संचालन ममता आर्य ने किया। सभा को विनीता टम्टा, नीलू रस्तोगी, विद्यावती शाह, सरला आर्य, सुमन लता, गिरीश चंद्र और सरिता आर्य ने भी संबोधित किया

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