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टीएमयू कैंपस में 28 अगस्त से दशलक्षण महापर्व का शुभारंभ

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद में जिनालय से लेकर रिद्धि-सिद्धि भवन तक पर्वाधिराज दशलक्षण महामहोत्सव की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। 28 अगस्त से दस दिन तक टीएमयू कैंपस में आस्था की बयार बहेगी। इन दस दिनी दशलक्षण महापर्व में 03 दिन अति महत्वपूर्ण हैं। भगवान पुष्पदंत मोक्ष कल्याणक महोत्सव विधि-विधान से 31 अगस्त को होगा। परम पूज्य विदुषी लेखिका आर्यिका रत्न श्री 105 स्वास्ति भूषण माता जी की ओर से रचित श्री सम्मेद शिखर जी विधान 31 अगस्त को होगा। 02 सितंबर को सुगंध दशमी- धूप खेवन होगा। 06 सितंबर को अनन्त चौदस पर भगवान वासुपूज्य मोक्ष कल्याणक महोत्सव और लाडू समर्पण कार्यक्रम होगा। ये सभी कार्यक्रम शिखर जी से आए प्रतिष्ठाचार्य ऋषभ जैन शास्त्री जी के सानिध्य में होंगे। भोपाल की सचिन एंड पार्टी अपनी भक्तिमय सुर और साज में आस्था के सागर में डुबकी लगवाएगी। दशलक्षण महामहोत्सव के अगले दिन 07 सितंबर को कुलाधिपति आवास- संवृद्धि में श्रावक एवम् श्राविकाओं का पारणा होगा। टीएमयू कैंपस में बड़ी धूमधाम से भव्य रथयात्रा महोत्सव 14 सितंबर को निकलेगी। रथयात्रा में मुरादाबाद मंडल के अलावा आसपास जिलों से जैन समाज के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। उल्लेखनीय है, रिद्धि-सिद्धि भवन में प्रतिदिन शाम को 6ः30 बजे से साढ़े 7ः30 बजे तक आरती हुआ करेगी, जबकि टीएमयू के ऑडिटोरियम के मंच पर 7ः30 बजे से 8ः15 बजे तक प्रवचन हुआ करेंगे। 8ः30 बजे से कॉलेजवार कल्चरल प्रोग्राम्स की प्रस्तुति होगी।

उत्तम क्षमा दिवस पर पहले दिन सीसीएसआईटी के स्टुडेंट्स की ओर से मोक्ष के प्रेमी, उत्तम मार्दव पर टिमिट कॉलेज के स्टुडेंट्स की ओर से भील बना तीर्थंकर, उत्तम आर्जव पर नियम का फल- सीसीएसआईटी, उत्तम शौच पर नेमि-राजुलः एक अमृत गाथा- लॉ कॉलेज, उत्तम सत्य पर पार्श्वनाथ जीवनी- फिजियोथैरेपी कॉलेज, उत्तम संयम पर डॉ. अनामिका अंबर जैन एंड टीम की ओर से कवि सम्मेलन, उत्तम तप पर पदम पुराण- एक गाथा- फाइन आर्ट्स, पैरामेडिकल, एग्रीकल्चर और फार्मेसी कॉलेज, आठवें दिन उत्तम त्याग पर भगवान आदिनाथ का गर्भ एवम् जन्मकल्याणक- टीएमयू फैकल्टीज़, नौवें दिन उत्तम आकिंचन्य पर जियो और जीने दो- टिमिट कॉलेज के छात्र-छात्राएं प्रस्तुति देंगे। दशलक्षण के अंतिम दिन उत्तम ब्रहम्चर्य पर शाम को महाआरती होगी। 28 अगस्त की सुबह ही कुलाधिपति परिवार की ओर से जिनालय पर ध्वजारोहण होगा। श्रीजी की प्रतिमा को वेदी से पालकी तक लाया जाएगा। श्रीजी को पालकी में बैठाकर दिव्यघोष के बीच रिद्धि-सिद्धि भवन में पांडुशिला पर विराजमान किया जाएगा। श्रीजी का चार स्वर्ण कलशों से अभिषेक होगा। शांतिधारा की जाएगी। इस मौके पर कुलाधिपति श्री सुरेश जैन, फर्स्ट लेडी श्रीमती बीना जैन, ग्रुप वाइस चेयरमैन श्री मनीष जैन, श्रीमती ऋचा जैन, एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन, श्रीमती जहान्वी जैन, मेंबर ऑफ गवर्निंग बॉडी सुश्री नंदिनी जैन के संग-संग फैकल्टीज औऱ सैकड़ों श्रावक और श्राविकाएं मौजूद रहेंगे।

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