प्रयागराज, उत्तर प्रदेश: पुस्तक ‘21वीं सदी के इलाहाबादी, भाग-2’ के लिए आज मरहूम नय्यर आक़िल की पत्नी और बेटे से उनके करैली स्थित निवास पर मुलाकात हुई। नय्यर आक़िल अपने समय के उस्ताद शायर थे। काटजू रोड स्थित उनकी ‘ओरियंट केमिस्ट’ शहर का प्रमुख अदबी मरकज़ था। बशीर बद्र, निदा फ़़ाज़ली, राहत इंदौरी, शहरयार, मुनव्वर राना जैसे तमाम नामचीन शायर उन दिनों जब भी इलाहाबाद आते तो ओरियंट केमिस्ट पर नय्यर आक़िल से मिलने ज़रूर आते थे। नय्यर ने शेख़ सादी की फारसी भाषा में छपी मशहूर किताब ‘गुलिस्तां’ का उर्दू में अनुवाद किया था। उर्दू, अरबी और फारसी भाषा में एम.ए. और नेट भी किया था। शायरी की दुनिया के मास्टर आदमी थे। इनका 03 जून 2006 को अल्पआयु में ही निधन हो गया था। आज उनकी पत्नी और बेटी-बेटा से मिलकर बहुत अच्छा लगा।



