उत्तराखंडराजनीति

मोदी-धामी सरकार नहीं उतरे उम्मीदों पर खरी-जोत सिंह बिष्ट

देहरादून । भारत वर्ष आजादी की 75 वीं वर्षगांठ को पूरे जोश खरोश और उत्साह के साथ मनाने के लिए लालायित है। केंद्र सरकार ने आजादी की 50वीं वर्षगांठ को आजादी का अमृत महोत्सव नाम देकर के हर घर तिरंगा कार्यक्रम जारी किया है। सरकार ने इसके लिए राष्ट्रध्वज के परंपरागत कपड़े में एवं उसके फहराने और उतारने के नियमों में बदलाव करते हुए अब राष्ट्रध्वज खादी के अलावा साटन के कपड़े में भी बनाया जा सकेगा तथा राष्ट्र ध्वज को अब चौबीसों घंटे फहराया जा सकेगा। राष्ट्रध्वज के प्रति पूरे देश का हर नागरिक  सम्मान की भावना रखता है सभी लोग अपने घरों में आजादी के इस महापर्व पर राष्ट्रध्वज  फहरा कर अपने को गौरवान्वित महसूस करेंगे।
 आजादी के 75 साल पूरे होने पर पूरे देश के लोगों को केंद्र की मोदी सरकार से और उत्तराखंड की धामी सरकार से जो उम्मीद थी वह उम्मीद दूर दूर तक पूरी होती नहीं दिखाई दे रही है। आम जन की उम्मीद थी कि हमारी सरकार महंगाई आजादी के महापर्व के अवसर पर महंगाई पर रोक लगाने के लिए कोई बड़ी घोषणा करेगी, लेकिन महंगाई पर रोक लगाने के बजाय केंद्र सरकार ने दूध, दही, चावल, आटा, दाल जैसी खाद्य वस्तुओं कि फुटकर बिक्री  पर जीएसटी लगाकर उनके दाम बढ़ाकर गरीब पर महंगाई की जबदस्त चोट की है।
जनता खासकर बेरोजगार नौजवान उम्मीद कर रहे थे कि केंद्र और राज्य कि सरकार बेरोजगारी दूर करने के लिए कोई बड़ी घोषणा करेगी जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। लेकिन भाजपा के राज में रोजगार के नए अवसर तो पैदा नहीं हुए बल्कि लॉकडाउन के बाद से अब तक के ढाई सालों में सरकारी क्षेत्र के अलावा प्राइवेट सेक्टर में भी लोगों को नौकरी मिलने के बजाय छंटनी का सामना करना पड़ा और जो लोग रोजगार पर थे वह बेरोजगार होकर रोजगार के इंतजार में घर में बैठे हुए हैं।  मोदी सरकार द्वारा लगातार देश के सार्वजनिक उपक्रमों की बिकवाली से देश में बेरोजगारी चरम पर है। लॉक डाउन के बाद से उत्तराखंड राज्य में बेरोजगारी की दर सबसे ज्यादा है। उत्तराखंड सरकार बेरोजगारों को रोजगार देने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है।
रोजगार देने के नाम पर सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार अब मध्य प्रदेश के चर्चित व्यापम घोटाले को मात देता दिखाई दे रहा है। अधिनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एस राजू का इस्तीफा और उनके बयान इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित की गई भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक घोटाला होता रहा है। श्री राजू के मुताबिक पेपर लीक घोटाले की आयोग द्वारा विजिलेंस और सरकार को लगातार शिकायत की गई लेकिन सरकार ने इसको संज्ञान में नहीं लिया। विजिलेंस ने 6 साल के लंबे अंतराल में कोई ऐसी ठोस कार्रवाई नहीं की जिससे इस पर रोक लगाई जाती। 6 साल के लंबे अंतराल में बहुत सारे साक्ष्य नष्ट हो गए होंगे। क्योंकि भर्ती परीक्षा घोटाले का सारा खेल मोबाइल के माध्यम से हुआ बताया जा रहा है इसलिए अब साक्ष्य जुटाना एक बड़ी चुनौती होगी, जिस कारण घोटाले के अपराधियों में से कई लोग बच कर निकाल जाएंगे।
 इस भर्ती घोटाले में अब सफेदपोश लोगों के शामिल होने का भी इशारा मिल रहा है।  सत्ताधारी दल के एक नेता का नाम लगातार चर्चा में है, जो नीरव मोदी की तरह देश से बाहर भाग गया बताया जा रहा है। कुल मिलाकर के अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती परीक्षा में हुए पेपर लीक घोटाला बेरोजगारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। वहीं इसमे सरकार की भूमिका भी संदिग्ध है, क्योंकि एक ही क्षेत्र के 80 लोगों का इस परीक्षा में पास होना भी इस बात का प्रमाण है कि इसमें बड़ा खेल हुआ है। इसमें सरकार में बैठे जिम्मेदार लोगों ने आंख बंद कर रखी है। राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार की केवल यही एकमात्र घटना नहीं है बल्कि इसके अलावा राज्य के कई अन्य विभागों में भी भ्रष्टाचार का बोलबाला है। देहरादून में स्मार्ट सिटी के काम में खराब गुणवत्ता का घोटाला, चारधम यात्रा मार्गों की घटिया गुणवत्ता के साथ अवैध रूप से कटिंग के मलवे का निस्तारण का घोटाला, हरिद्वार पंचायत चुनाव के लिए किए गए परिसीमन और आरक्षण में की गई अनियमितता, आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितता, एन एच -74 घोटाले की जांच को ठंडे बस्ते में डालना और उसके बाद अब रुद्रपुर बाईपास में जमीन की खरीद-फरोख्त में की जा रही अनियमितता, शराब की दुकानों की ओवर  रेटिंग से लेकर के अन्य कई भ्रष्टाचार की खबरें रोज अखबारों की सुर्खियों में हैं।
कल वीरांगना तिलुरौतेली कि जयंती पर राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को अलग अलग क्षेत्रों मे किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया जाना है। इसके लिए सरकार द्वारा उत्कृष्ट महिलाओं को चयन करने कि एक प्रक्रिया निर्धारित कि गई है। इस साल वीरांगना तिलुरौतेली पुरुष्कर के लिए आवेदन कि अंतिम तिथि 25 जुलाई निर्धारित कि गई थी। यह आवेदन आन लाइन किए जाने थे, लेकिन खबर है कि नियम कानून को ताक पर रखकर सरकार मे बैठे किसी बड़े के निर्देश पर कल एक जिले की वेब साइट खुलवाकर किसी चहेते का आवेदन मँगवाकर चयन प्रक्रिया मे शामिल करवाया गया। खबर यह भी है कि पुरक्षकर की पत्र महिलाओं का चयन करने के बजाय चहेतों को मंत्रियों और विधायकों कि सिफारिश par चयन किया जा रहा है।
   भाजपा सरकार निरंकुश होकर आजादी की हीरक जयंती का मजाक उड़ते हुए जनता कि भावनाओं के साथ खेल रही है।  सरकार अपनी कमियों को छुपने के लिए नए नए हथकंडे अपना रही है। अगर सरकार अपना काम सही तरीके से करती तो राज्य कि महिलाओं को सड़कों, पुलों, अस्पताल के बाथरूम मे प्रसव करने के लिए मजबूर न होना पड़ता। पिथौरागढ़ जिले में एक महिला कुछ समय से हेलीकॉप्टर न पहुंचने के कारण खुले खेत में प्रसव करना पड़ा तो ऋषिकेश गंगोत्री राजमार्ग पर भद्रकाली के पास घायल एक वृद्ध महिला को एंबुलेंस समय से ना आने पर रास्ते में दम तोड़ना पड़ा। यह घटनाएं आजादी के 75 वर्ष में सरकार के कारनामों की पोल खोलती दिखाई दे रही है आम आदमी पार्टी इन सारे घटनाक्रम पर चौकस नजर रखे हुए हैं और 15 अगस्त के बाद सरकार के इन गलत कारनामों के खिलाफ पूरे प्रदेश में जन जागरण अभियान चलाएगी।
 आम आदमी पार्टी आजादी की 75 वर्षगांठ पर 8 अगस्त को राज्य के सभी जिलों में जिलेवार कार्यक्रम का आयोजन करके वीरांगना महिलाओं को सम्मानित करेगी। 9 अगस्त को अगस्त क्रांति दिवस के दिन से लेकर 14 अगस्त तक जिलेवार स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के युद्ध स्मारकों, शहीद सैनिकों एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों के स्मारकों/मूर्तियों की साफ सफाई करके माल्यार्पण करके उनको श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम करेंगे। 14 अगस्त को शाम 5:00 बजे हाथ में तिरंगा लेकर के राष्ट्रगान का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 15 अगस्त को परंपरागत तरीके से स्वतंत्रता दिवस मना कर आजादी की 75 वीं वर्षगांठ का आयोजन किया जाएगा। मैं आप सब को आजादी की 50वीं वर्षगांठ पर बधाई देते हुए यह उम्मीद करता हूं कि हम सब मिलकर के इस राज्य को शहीदों के सपनों को साकार करने वाला राज्य बना सकेंगे। हम सब मिलकर देश में एक ऐसा ढांचा तैयार कर सकेंगे जिसमे हर गरीब के बेटों व बेटियों को बेहतर शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और रोजगार दे सकें।

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