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तैयारियों में तेजी, मंडलायुक्त ने निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

Ramesh Kuriyal
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हरिद्वार। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए शासन ने निर्माण कार्यों की निगरानी तेज कर दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप ने हरिद्वार पहुंचकर कुंभ से जुड़ी विभिन्न निर्माण परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्धता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मंडलायुक्त ने सबसे पहले धनौरी-सिडकुल मार्ग पर पथरी रौ नदी में पुरानी गंग नहर के साइफन के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में निर्माणाधीन दो लेन पुल का निरीक्षण किया। कुंभ मेला मद से बनाए जा रहे 90 मीटर स्पान वाले इस पुल के लिए शासन ने 16.59 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पुल निर्माण के लिए कुल 36 आधार स्तंभ बनाए जाने हैं। इनमें से 33 स्तंभों का निर्माण अंतिम चरण में है, जबकि शेष तीन स्तंभों का कार्य भी इसी माह पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद पाइल कैप का निर्माण और स्टील सुपर स्ट्रक्चर स्थापित करने का कार्य शुरू होगा। अधिकारियों ने बताया कि पुल के स्टील ढांचे का निर्माण कार्यशाला में समानांतर रूप से तेजी से चल रहा है।

निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने नदी तल में चल रहे निर्माण कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी आधार स्तंभ और पाइल कैप का निर्माण शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि पुल निर्धारित समयसीमा के भीतर तैयार हो सके। साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित परीक्षण कराने के भी निर्देश दिए।

इसके बाद मंडलायुक्त ने धनौरी-सिडकुल मोटर मार्ग के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और डामरीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। करीब 8.50 किलोमीटर लंबी इस सड़क के सुधार और डामरीकरण के लिए कुंभ मेला मद से 6.53 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क से जुड़े सभी आधारभूत कार्य जल्द पूरे किए जाएं और बारिश समाप्त होते ही डामरीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं के सुरक्षित और सुगम आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्गों का समय पर तैयार होना बेहद जरूरी है।

मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि कुंभ मेला-2027 से जुड़े सभी निर्माण कार्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में हैं। इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और प्रत्येक चरण में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अनुभव नौटियाल समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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