
उत्तराखंड में राज्य संपत्ति विभाग ने सरकारी भवनों का ऑडिट कराने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग का मानना है कि बड़ी संख्या में ऐसे अधिकारी-कर्मचारी हैं, जिन्होंने भवन आवंटन के लिए आवेदन किया है, लेकिन कई बार नियम विरुद्ध तरीके से सरकारी भवनों पर कब्जा जमाए लोगों की वजह से उन्हें आवास उपलब्ध नहीं हो पाता। इसी क्रम में तीन मंत्री आवास खाली कराने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, दिवंगत कैबिनेट मंत्री चंदन रामदास के परिजन और सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी को मंत्री आवास खाली करने का नोटिस दिया गया है। इनमें से चंदन रामदास का अप्रैल 2023 में निधन हो गया था, लेकिन उनका परिवार अब तक मंत्री आवास में रह रहा है। इसी तरह प्रेमचंद अग्रवाल ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया था, लेकिन उन्होंने भी अभी तक आवास खाली नहीं किया है।
राज्य संपत्ति विभाग के सचिव रणवीर सिंह चौहान ने बताया कि विभाग ने सभी भवनों की मौजूदा स्थिति जानने और अवैध कब्जों को हटाने के लिए ऑडिट के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा—
“फिलहाल तीन मंत्री आवास खाली करने के लिए नोटिस दिया गया है। इसके अलावा अन्य सरकारी भवनों की स्थिति का भी ऑडिट करवा कर स्पष्ट तस्वीर सामने लाई जाएगी।”
बताया जा रहा है कि विभाग के पास सरकारी भवनों की संख्या सीमित है, जबकि आवेदकों की संख्या अधिक है। ऐसे में सेवानिवृत्ति या पद छोड़ने के बाद भी भवनों पर कब्जा जमाए बैठे लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई करना विभाग की प्राथमिकता है।