
नैनीताल। पर्यटन नगरी नैनीताल में रविवार को एक और ऐतिहासिक ब्रिटिशकालीन इमारत भीषण आग की चपेट में आ गई। मल्लीताल के सात नंबर क्षेत्र स्थित ग्लैनमोर कोठी में लगी आग ने पूरी कोठी को राख कर दिया। गनीमत रही कि घटना के समय भवन के अंदर कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि टल गई। हालांकि अग्निकांड में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है।
दोपहर डेढ़ बजे उठीं लपटें
जानकारी के अनुसार, बीते चार दशकों से ललित तिवारी और उनकी पत्नी चंद्रा तिवारी इस कोठी में रह रहे थे। दोनों हाल ही में अपने बेटे से मिलने गुरुग्राम गए हुए थे। रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे जब वे घर के पास पहुंचे तो क्षेत्रवासियों ने घर से धुआं निकलने की सूचना दी।
घर का दरवाजा खोलते ही अंदर आग की तेज लपटें दिखाई दीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घर में रखा बिस्तर, गैस सिलेंडर व अन्य सामान बाहर निकाला, लेकिन तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल गई।
दमकल की तीन गाड़ियां, फिर भी नहीं बच सकी कोठी
सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। तीन फायर टेंडरों से आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक पूरा भवन जल चुका था। हालांकि स्थानीय लोगों और दमकल कर्मियों की सूझबूझ से आग को आसपास की इमारतों तक फैलने से रोक लिया गया।
एफएसओ देवेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि आग को आबादी क्षेत्र तक पहुंचने से रोकना प्राथमिकता थी। फिलहाल सुलग रही लकड़ियों को पूरी तरह बुझा दिया गया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। आग लगने के कारणों की जांच जारी है।
फायर हाइड्रेंट और पानी की कमी से बढ़ी मुश्किलें
घटना के दौरान क्षेत्र में फायर हाइड्रेंट और पानी की लाइन में पानी न होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बड़े फायर टेंडर संकरी सड़कों और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण मुश्किल से मौके तक पहुंच पाए।
आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि शुरुआती प्रयासों का असर नहीं पड़ा। बाद में कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक पूरी कोठी जलकर खाक हो चुकी थी।
छत तोड़कर रोकी आग की रफ्तार
जब आग आउट हाउस की ओर बढ़ने लगी तो स्थानीय लोगों ने आग लगे भवन और आउट हाउस के बीच बनी छत को तोड़ दिया, जिससे आग अन्य कमरों तक नहीं फैल सकी और बड़ा हादसा टल गया।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
गौरतलब है कि मल्लीताल क्षेत्र स्थित ओल्ड लंदन हाउस में 27 अगस्त को आग लगने से 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी। इसके अलावा 9 दिसंबर को चीना बाबा चौराहा स्थित दो मंजिला भवन में भी आग से 15 कमरे जल गए थे।
लगातार हो रही आग की घटनाओं ने नैनीताल की पुरानी हेरिटेज इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग शहर में फायर सेफ्टी सिस्टम को दुरुस्त करने और फायर हाइड्रेंट की व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।





