उत्तराखंड

देहरादून: एक पेड मां के नाम, सीडीओ ने रोपा एक लाख वॉ पौधा

देहरादून के नारी निकेतन और बाल गृह में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने पर्वतीय मैदानी एकता समिति द्वारा एक पेड़ माँ के नाम कार्यक्रम के अंतर्गत एक लाखवां पौधा रोपण किया।

इस दौरान समिति की सचिव लक्ष्मी अग्रवाल, पर्यावरणविद और सहायक नगर आयुक्त वीके चौहान ने भी फलदार पौधा लगाकर लोगों को हरित उत्तराखंड बनाने का संकल्प दिलाया।

वृक्षारोपण कार्यक्रम और महिलाओं को हरित देहरादून के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, नारी निकेतन की महिलायें और समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।

सीडीओ अभिनव शाह ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने दूनवासियों को वृक्षारोपण और पेड़ों को बचाने के लिए जागरूक किया है। यही वजह है कि आज देहरादून में लोग वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक हो रहे हैं।

सामाजिक जागरूकता बढ़ाने, देहरादून की हरियाली में आज लोगों का सहयोग सबसे महत्वपूर्ण कारक है और इस लोकहित के कार्य में पहाड़ी मैदानी एकता समिति के अध्यक्ष पीके अग्रवाल, सचिव लक्ष्मी अग्रवाल, मोहित रतूड़ी और प्रकृति प्रेमी वीके चौहान जैसे लोगों की भूमिका अहम हो जाती है।

विगत हरेला माह से उत्तराखंड में प्रदेश सरकार एक पेड़ मां के नाम अभियान चला रही है। इसी कड़ी में टी वूमेन के नाम से मशहूर पर्यावरण संरक्षण में बढ़-चढ़कर काम कर रही लक्ष्मी अग्रवाल ने अपने समिति के बैनर तले आज इस कार्यक्रम को आयोजित किया। जिसमें उन्होंने नारी निकेतन और बाल सुधार ग्रह में अपने मिशन के एक लाख वें पौधे का रोपण कर अपने लक्ष्य को प्राप्त किया।

समिति की सचिव लक्ष्मी अग्रवाल ने बताया कि बीते एक माह में उन्होंने अपने सहयोगियों और समर्थकों के साथ ग्रामीण इलाकों, मोहल्ला और कॉलोनी में लोगों को रोजाना हजारों पेड़ बांटते और खुद श्रमदान करते हुए पौधारोपण किया। लोगों को वृक्षारोपण और वृक्षों का संरक्षण की शपथ दिलाई। जिसका सफर आज एक लाख पेड़ लगाने के साथ नारी निकेतन में नए मुकाम पर पहुंचा है।

उन्होंने कहा कि यह अभियान अभी आगे भी जारी रहेगा। प्रदेश के अन्य जिलों में भी पर्वतीय मैदानी एकता समिति वृक्षारोपण सहित तमाम लोक कल्याण के कार्य करेगी। जिससे जनता में एक सकारात्मक संदेश दिया जा सके। इस कार्यक्रम में देहरादून और आसपास के कई इलाकों से महिलाएं शामिल हुई और उन्होंने भी वृक्षारोपण के साथ-साथ वृक्ष को बचाने का संकल्प लिया।

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