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हिन्दी विश्व मे सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है

नीदरलैंड्स। विश्व की प्रतिष्ठित संस्था ” साझा संसार ” ने भारत की आजादी के अमृत महोत्सव के कार्यक्रमों की कड़ी मे भारत की भाषा हिन्दी के गौरव को बढ़ाने वाले विषय पर वैश्विक वेबिनार का आयोजन 21अगस्त 2021 को नीदरलैंड्स से आयोजित किया गया । ‘हिन्दी विश्व की सर्वाधिक बोले जाने वाली भाषा है’ आयोजन की शुरुआत विश्व में शांति हो संस्कृत के श्लोक से किया। द हेग नीदरलैंड्स से बालिका आरना कपूर ने संस्कृत श्लोक का पाठ किया।

वेबिनार के संयोजक और विश्व के लब्ध प्रतिष्ठित कवि और साहित्यकार डॉ रामा तक्षक ने अपने स्वागत वक्तव्य में हिन्दी की भूमिका के बारे में बताया। बताया कि भारत की आजादी मे हिन्दी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी । आजादी के आंदोलन मे हिन्दी आजादी के दीवानों की चहेती भाषा थी व सम्पूर्ण भारत मे यह संपर्क भाषा के रूप मे अपनाई जाती थी । हिन्दी की इस व्यापकता व लोकप्रियता को देखते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने इसे राष्ट्र भाषा का नाम दिया था । आज हिन्दी, कानूनी तौर पर भारत की राज भाषा है लेकिन भारतीय जनमानस इसे राष्ट्र भाषा के रूप मे ही सम्मान देता है।

सामान्यतः यह माना जाता है की विश्व मे चीनी भाषा ( मंदारिन ) सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है लेकिन वास्तविकता तो यह है की हिन्दी विश्व मे सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है । यह तथ्य सर्व प्रथम डॉ जयंती प्रसाद नौटियाल ने 1981 से की जा रही शोध से सिध्द किया है ।

डॉ जयंती प्रसाद नौटियाल इस वैश्विक वेबिनार मे मुख्य वक्ता के रूप मे उपस्थित थे । उन्होने अपनी शोध के बारे मे बताते हुए कहा कि उन्होने जब यह शोध शुरू कि थी तब लोग यह समझते थे कि हिन्दी का विश्व मे तीसरा या चौथा स्थान है , लेकिन जब उन्होने 1997 मे भारत सरकार , राजभाषा विभाग की पत्रिका ” राज भाषा भारती – अक्तूबर – दिसंबर 1997 अंक मे अपनी रिपोर्ट प्रकाशित करके यह सिद्ध कर दिया कि हिन्दी बोलने वाले विश्व मे सबसे अधिक हैं, इससे सम्पूर्ण विश्व आश्चर्यचकित हुआ । लेकिन विश्व स्तर पर और भारत सरकार के स्तर पर इसको स्वीकृति मिलने मे चार दशक लग गए । आज इसे भारत सरकार द्वारा और वैश्विक जगत से मान्यता मिल चुकी है । डॉ नौटियाल की 2021 के भाषा शोध अध्ययन मे यह सिद्ध हुआ की विश्व मे हिन्दी जानने वालों की संख्या 1356 मिलियन है , अंग्रेजी जानने वाले 1268 मिलियन हैं तथा मंदारिन जानने वाले 1120 हैं , इस प्रकार हिन्दी विश्व मे सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। डॉ नौटियाल की शोध रिपोर्ट उनकी वैबसाइट www.drjpnautiyal.com – Linguistic Research Paper पर देखी जा सकती है ।

डॉ नौटियाल ने यह भी बताया कि उन्होने के राजभाषा विभाग से अनुरोध किया था कि गृह मंत्रालय राजभाषा विभाग , भारत सरकार एक आदेश जारी करे कि सभी प्रकाशनों मे हिन्दी को विश्व कि सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा के रूप मे प्रचारित और प्रसारित किया जाय । भारत सरकार , राजभाषा विभाग गृह मंत्रालय ने मेरे शोध के तथ्यों की जाँच करवाई। हिन्दी के लब्ध प्रतिष्ठित विद्वानों एवं वरिष्ठ विशेषज्ञों की राय से यह निष्कर्ष निकाला कि च्च् उपलब्ध तथ्य एवं विशेषज्ञ विद्वानों के अध्ययन इसकी प्रबल संपुष्टि करते हैं।” इस प्रकार इस शोध का पुष्टीकरण हुआ।

इस अवसर पर आमंत्रित वक्ता के रूप मे भाग लेते हुए हिन्दी के प्रतिष्ठित साहित्यकार और राजभाषा के शीर्ष कार्यपालक डॉ दामोदर खड्से ने कहा कि यह शोध हिन्दी कि गरिमा तो बढ़ाता ही है साथ ही एक एसे सत्य से भी परिचित करता है जो अब तक अज्ञात था । उन्होने इस शोध रिपोर्ट का पूर्ण समर्थन किया । मंगलोर विश्वविद्यालय कि प्रोफेसर डॉ नागरत्ना ने कहा कि इस शोध को अब भारत सरकार का अनुमोदन मिल जाने से इसको समस्त विश्वविद्यालयों मे भी भेजा जा सकता है ताकि यह तथ्य सभी कि जानकारी मे आ जाए । उन्होने विशेष रूप से दक्षिण के राज्यों मे हिन्दी के प्रति प्रेम को उजागर किया तथा डॉ नौटियाल की शोध का पूर्ण समर्थन करते हुए इस शोध को प्रचारित और प्रसारित करने का अनुरोध किया । विश्व प्रसिद्ध साहित्यकार एवं बी बी सी के कार्यक्रम संचालक डॉ विजय राणा ने हिन्दी और उर्दू के एकीकरण को महत्वपूर्ण मुद्दा मानते हुए कहा कि भाषा को किसी अन्य दृष्टि से न देख कर केवल वैज्ञानिक दृष्टि से देखने कि जरूरत है । , इस रिपोर्ट को उचित स्थान दिया जाना चाहिए । उन्होने कहा कि यह शोध भारत कि गरिमा को बढ़ाने वाली है । भाषाविद डॉ मीरा गौतम ने भी इस शोध कि सराहना करते हुए कहा कि हिन्दी उर्दू के मामले मे शोध को और अधिक विस्तार दिया जाना चाहिए । सभी वक्ताओं ने साझा संसार को धन्यवाद दिया कि उन्होने आजादी के अमृत महोत्सव मे एक और उत्सव मनाने का यह अवसर उपलब्ध कराया है ।

विश्व विख्यात कवि डॉ रामा जी ने कार्यक्रम का समाहार करते हुए अपना वक्तव्य दिया और च्च् विश्व मे सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा हिन्दी है ज्ज् का उद्घोष करने के लिए इस वेबिनार मे भाग लेने वाले विश्व के अनेक देशों से जुड़े हिन्दी साहित्यकारों , भाषाविदों और हिन्दी प्रेमियों की सराहना की । संयोजक के रूप मे साझा संसार की ओर से डॉ रामा तक्षक जी ने आभार व्यक्त किया । इस कृतज्ञता ज्ञापन के बाद कार्यक्रम संपपन हुआ ।

व्याख्यानों के उपरांत प्रश्नोत्तर कार्यक्रम रखा गया जिसमें श्रोताओं द्वारा निम्न प्रश्न पूछे गए । डॉ जयन्ती प्रसाद नौटियाल ने सभी प्रश्नों का तर्क संगत उत्तर दिया। साथ ही स्पष्ट किया की मेरी शोध रिपोर्ट मे वर्णित सभी आंकड़े पुष्ट प्रमाण के आधार पर पूरी रिसर्च के आधार पर दिये गए हैं ,इसमे त्रुटि की कोई संभवाना नहीं है । कार्यक्रम का मंच संचालन सुश्री शिवांगी शुक्ला ने किया व तकनीकी संचालन आशीष कपूर द्वारा सम्पन्न हुआ ।

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