उत्तरप्रदेश

आउटकम बेस्ड एजुकेशनः टीएमयू को गोल्डन बैंड एक्सीलेंस अवार्ड

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी ओबीई प्रणाली में उत्कृष्टता और नवाचार के लिए प्रतिबद्ध, ओबीई रैंकिंग-2023 के तहत टीएमयू को ए ग्रेड से नवाजा

मुरादाबाद : तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद को ओबीई रैंकिंग-2023 के तहत आउटकम बेस्ड एजुकेशन के लिए ए ग्रेड के संग गोल्डन बैंड एक्सीलेंस सर्टिफिकेट से नवाजा गया है। टीएमयू को आउटकम बेस्ड एजुकेशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए यह वैश्विक अवार्ड मिला है। ओबीई प्रणाली उत्कृष्टता और नवाचार के लिए प्रतिबद्ध है। यह स्टुडेंट्स के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। इसमें पाठ्यक्रम को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि सत्र के अंत तक प्राप्त किए जाने वाले उद्देश्यों को वरीयता मिले।

शिक्षकों और संकाय को इनपुट देने की आवश्यकता है, जिसमें विभिन्न अभिनव गतिविधियां शामिल हों, जो छात्रों को वांछित लक्ष्य तक पहुंचने में मदद करें। यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति श्री सुरेश जैन ओबीई में इस सम्मान पर खुशी जताते हुए कहते हैं, टीएमयू एनईपी-2020 के क्रियान्वयन के प्रति बेहद संजीदा है। ए ग्रेड और गोल्डन बैंड एक्सीलेंस सर्टिफिकेट्स इसी का प्रतिफल है। उल्लेखनीय है, टीएमयू को इंडियन ऑब्जर्वर पोस्ट की ओर से बेस्ट यूनिवर्सिटी आउटकम बेस्ड एज़ुकेशन इन इंडिया के लिए 2020-21 के अवार्ड भी मिल चुका है।

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. रघुवीर सिंह कहते हैं, आउटकम बेस्ड एज़ुकेशन ब्लूम टेक्सोनोमी पर आधारित है। टीएमयू ने 120 से ज्यादा प्रोग्राम्स के लिए पाठ्यक्रमों को आउटकम बेस्ड बनाया हुआ है। 3,000 से अधिक कोर्स के लिए आउटकम निर्धारित किए हैं। फैकल्टीज़ को आउटकम्स प्राप्ति के लिए कैसे पढ़ाया जाए और कैसे मूल्यांकन हो, इसका भी सघन प्रशिक्षण दिया गया है।

मुझे इस बात की खुशी है, सभी के अथक प्रयासों से यूनिवर्सिटी में सभी प्रोग्राम्स में आउटकम बेस्ड प्रणाली लागू हो चुकी है। आउटकम बेस्ड एजुकेशन- ओबीई यानी स्टुडेंट सेंटर्ड टीचिंग में शिक्षा को पाठ्यक्रम के परिणामों पर केंद्रित किया जाता है। स्टुडेंट्स कौशल विकसित करने के एक निश्चित लक्ष्य के साथ पाठ्यक्रम में प्रवेश लेते हैं। पाठ्यक्रम के अंत तक उन्हें तय लक्ष्यों को पूरा करना होता है।

इसमें सीखने की कोई विशिष्ट शैली या समय सीमा नहीं है। छात्र अपनी पसंद के अनुसार सीख सकते हैं। संकाय सदस्य, मॉडरेटर और प्रशिक्षक लक्ष्य परिणामों के आधार पर छात्रों का मार्गदर्शन करते हैं। वर्तमान में ओबीई प्रणाली का व्यापक रूप से दुनिया भर के अग्रणी संस्थान उपयोग कर रहे हैं, क्योंकि आउटकम बेस्ड एजुकेशन 21 वीं सदी में सफलता के लिए आवश्यक है।

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