
देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में छात्रों के बीच हुई मारपीट की घटना के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक चेकिंग और सत्यापन अभियान चलाया। अलग-अलग टीमों ने क्षेत्र के हॉस्टल और पीजी में रह रहे छात्र-छात्राओं का सत्यापन किया।
अभियान के दौरान पुलिस ने सभी पीजी और हॉस्टल संचालकों को निर्देश दिए कि वे अपने यहां रहने वाले प्रत्येक छात्र-छात्रा का शत-प्रतिशत सत्यापन कराएं। साथ ही, अन्य राज्यों से आने वाले छात्रों का उनके मूल निवास स्थान से भी चरित्र सत्यापन अनिवार्य रूप से करवाया जाए। सुरक्षा के मद्देनजर सभी प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और रात 10 बजे के बाद बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए।
पुलिस ने चेतावनी दी कि यदि किसी हॉस्टल या पीजी में रहने वाले छात्र-छात्राएं नशे या अन्य आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाते हैं, तो संबंधित संचालक और मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सत्यापन न कराने पर 8 संचालकों के चालान कर उनसे कुल 80 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
इसी दौरान पुलिस ने क्षेत्र में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी अभियान चलाया। ट्रिपल राइडिंग, रैश ड्राइविंग और ओवरस्पीडिंग करने वाले युवकों पर कार्रवाई करते हुए 52 वाहन चालकों के चालान किए गए, जबकि 16 वाहनों को सीज किया गया।
होटल-ढाबों को भी चेतावनी
प्रेमनगर, पौंधा और नंदा की चौकी क्षेत्र में होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों की भी जांच की गई। संचालकों को निर्धारित समय के बाद प्रतिष्ठान बंद रखने और परिसर में शराब सेवन न होने देने के सख्त निर्देश दिए गए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
75 संदिग्ध छात्र हिरासत में
अभियान के दौरान पहचान संबंधी दस्तावेज न दिखा पाने और बिना सत्यापन के रह रहे 75 संदिग्ध छात्रों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया। आवश्यक पूछताछ के बाद उनके सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई और भविष्य में किसी भी संदिग्ध गतिविधि से दूर रहने की हिदायत दी गई। इसके अलावा, नियमों का उल्लंघन करने वाले 24 लोगों के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत चालान किया गया।



