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एम्स ऋषिकेश के शोधार्थी के कोरोना पर शोधपत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुए प्रकाशित।

Ramesh Kuriyal
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एम्स ऋषिकेश के शोधार्थी रोहिताश यादव ने कोरोना महामारी के दौरान वर्ष 2021 में कोरोना वायरस पर आधारित 22 शोधपत्र विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय जरनल्स में प्रकाशित किया गया है। जिसमें कोरोना वायरस से संबंधित कंप्यूटर एडेड ड्रग डिजाइन एवं कंप्यूटीशनल बायोलॉजी विषयों को शामिल किया गया। एम्स ऋषिकेश में संस्थान के फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेंद्र हांडू ने निदेशक प्रोफेसर अरविंद राजवंशी को शोध छात्र रोहिताश द्वारा प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय जरनल्स में प्रकाशित शोधपत्रों पर आधारित पुस्तक भेंट की। इस अवसर पर निदेशक एम्स प्रो. अरविंद राजवंशी ने संस्थान के शोध छात्र रोहिताश यादव को उनके शोध कार्यों पर आधारित प्रपत्रों के प्रकाशन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह संस्थान के लिए भी गर्व की बात है। इस अवसर पर फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेंद्र हांडू ने बताया कि यादव द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिकों एवं शोधार्थियों के साथ मिलकर शोध पत्र प्रकाशित किए गए हैं। जिनमें पीजीआई चंडीगढ़, आईआईटी दिल्ली, रुड़की, सीडीआरआई लखनऊ आदि राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान शामिल हैं। यादव ने अपने उक्त शोध कार्य को फार्माकोलॉजी विभाग के फैकल्टी सदस्य डा. पुनीत धमीजा की देखरेख में किया है।
गौरतलब है कि शोध छात्र रोहिताश संस्थान के फार्माकोलॉजी विभाग में डा. पुनीत के अधीन अपना शोध कार्य कर रहे हैं। जिसमें उन्होंने कोविड महामारी के दौरान वर्ष 2021 में कोविड पर आधारित 22 शोध पत्र प्रकाशित किए हैं। जिनमें कोरोना वायरस की संरचना, विभिन्न ड्रग टारगेट्स, कोविड 19 वैक्सीन एंड ड्रग डेवलपमेंट, जिनोमिक वेरिएशन एंड म्यूटेशंस, ड्रग स्क्रीनिंग, मौलिक्यूलर डॉकिंग, सिम्युलेशंस आदि विषयों से संबंधित शोधकार्य शामिल हैं। वर्ष 2021 में प्रकाशित शोध पत्रों का वैज्ञानिक समुदाय द्वारा 150 से ज्यादा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रों में हवाला दिया गया है। यादव द्वारा प्रकाशित शोध कार्य एम्स के फार्माकोलॉजी विभाग एवं एसवाईबीएस की मोलेक्युल्स ऑफ लाइफ वर्चुअल रिसर्च लैब के द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कोलेबॉरेशन में किए गए है।

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