उत्तराखंडस्वास्थ्य

चाराधाम यात्रा को लेकर एम्स ने भी की अपनी तैयारी

दुर्घटना होने पर पीड़ितों को त्वरित स्वस्थ्य सुविधायं उपल्बध कराना एम्स की प्राथमिकता

ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश में चारधाम यात्रा मार्गों एवं अति दुर्गम क्षेत्रों में होने वाली दुर्घटनाओं के दौरान आपात चिकित्सा तथा मेडिकल सुविधाओं पर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में चारधाम यात्रा मार्गों पर तैनात किए गए चिकित्सक प्रतिभाग कर रहे हैं।
संस्थान के ट्रॉमा सर्जरी, फिजियोलॉजी एवं क्रिटिकल केयर विभाग के तत्वावधान में शुक्रवार को दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला विधिवत शुरू हो गई। इस अवसर पर कार्यशाला को संबोधित करते हुए निदेशक एम्स प्रोफेसर अरविंद राजवंशी ने कहा कि संस्थान का प्रयास है कि चारधाम यात्रा मार्गों, तीर्थस्थलों, ऊंचे व दुर्गम स्थानों में यात्राकाल के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं की स्थिति में बेहतर तकनीकि आधारित मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। ऐसे में यात्रा रूटों व पहाड़ी क्षेत्रों में तैनात हमारे चिकित्सक यदि आपात चिकित्सा को लेकर पूर्ण प्रशिक्षित होंगे तो वह ऐसे स्थलों पर होने वाली आपात स्थितियों, दुर्घटनाओं में घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा देकर जीवन रक्षा में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उत्तराखंड जैसे दुर्गम व यात्रा की दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रदेश में आपात चिकित्सा में हैल्थ केयर वर्कर्स का दक्ष होना नितांत आवश्यक है। ऐसे में यह कार्यशाला यात्राकाल में आपात स्थितियों में काफी हद तक मददगार साबित होगी।                          उल्लेखनीय है ​कि उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में हरवर्ष लाखों की संख्या में श्रद्घालु दर्शनार्थ पहुंचते हैं। दुर्गम पहाड़ी मार्गों पर होने वाली इस यात्रा के दौरान कई श्रद्घालु विभिन्न कारणों से अस्वस्थ अथवा किन्हीं दुर्घटनाओं में घायल हो जाते हैं। यात्राकाल में चिकित्सकों की तैनाती करने से पूर्व उन्हें ट्रामा चिकित्सा एवं इमरजेंसी ट्रेनिंग व मेडिकल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दो दिवसीय इस कार्यशाला का आयोजन डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल हैल्थ एवं फेमिली वैलफेयर उत्तराखंड द्वारा किया जा रहा है।                       कार्यशाला की चेयरपर्सन व शरीरक्रिया विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर लतिका मोहन ने  सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि एम्स के लिए यह गर्व की बात है कि यहां उत्तराखंड जैसे राज्य में हाई एल्टीट्यूड मेडिसिन विषय पर चार धाम यात्रा से पूर्व यह कार्यशाला आयोजित की जा रही है। जिसका लाभ प्रतिभागियों के साथ ही यात्रा में आने वाली लोगों को भी मिलेगा।                                                          कार्यशाला में रिसोर्स फैकल्टी कर्नल डा. सुरेंद्र पाल सिंह, कर्नल डा. शैलजा कार्की, एम्स की फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष व कार्यक्रम अध्यक्ष कर्नल डा. लतिका मोहन, डा. क्रेग नट्टल व आयोजन सचिव डा. जयंती पंत ने व्याख्यान प्रस्तुत किए व प्रतिभागियों को आपात चिकित्सा विभाग पर प्रशिक्षित किया।                          डा. अश्वनी महादुले के संचालन में आयोजित कार्यशाला में संस्थान के उपनिदेशक( प्रशासन) कर्नल एआर मुखर्जी, डीन रिसर्च प्रो. वर्तिका सक्सेना, माइक्रो बायोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. नीलम कायस्था, नेत्र रोग विभागाध्यक्ष प्रो. संजीव मित्तल, बाल शल्यचिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो. सत्याश्री, बायो कैमेस्ट्री विभागाध्यक्ष डा. अनीसा आतिफ मिर्जा, जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष डा. मीनाक्षी धर, इएनटी विभागाध्यक्ष डा. मनु मल्होत्रा, प्रो. प्रशांत मनोहर पाटिल, डा. सुनीता मित्तल, डा. योगेश सिंह, डा. अरुण गोयल, डा. पूर्वी कुलश्रेष्ठा आदि मौजूद थे।

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