उत्तराखंडसामाजिक

सहकार से ही रुकेगा पलायन।

सहकार भारती ने स्वंय सेवी संगठनों की भूमिका पर किया विमर्श।

वेदांग बिष्ट

देहरादून। रष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के आनुषांगिक संगठन सहकार भारती की महानगर इकाई की बैठक में स्वंय सेवी संगठनों की समाजिक सेवाओं को लेकर विचार विमर्ष किया गया। कहा गया की स्वंय सेवी संगठनों के कार्यक्रता पूरी निष्ठा और इमानदारी से समाज सेवा में लगे रहते हैं। ऐसे लोगों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए तय किया गया की सहकार भारती उत्तराखंड के जैविक उतपादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है।


बैठक में कहा गया कि स्वयंसेवी संगठन सुदूरवर्ती गांव से लेकर आम व्यक्तियों के जीवन स्तर को सुधारने एवं उन्हें जागरूक करने के लिए काम कर रहे हैं ऐसे में सहयोग करना जरूरी है स्वयंसेवी संगठन से जुड़े लोग निस्वार्थ भाव से कम मानदेय एवं निशुल्क रूप से भी काम करते हैं उत्तराखंड के संदर्भ में देखें तो स्वयंसेवी संगठनों ने उत्तराखंड के जैविक उत्पादों ,लोक परंपराओं, शिक्षा, स्वास्थ्य ,आपदा आदि विषयों को लेकर बेहतर कार्य किया है।
ऐसे में सभी व्यक्तियों को भी स्वयंसेवी संगठनों के कार्यों को आगे बढ़ाना चाहिए सहकार भारती के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों ने कहा कि उत्तराखंड में सब्जी का उत्पादन बेहतर होने के बावजूद इसका सीधा लाभ काश्तकारों को नहीं मिल पा रहा है ज्यादातर सब्जियां बाहरी प्रदेशों से आ रही है इन सब्जियों के विक्रेता भी स्थानीय लोग नहीं है ऐसे में सब्जी उत्पादन का पूरा लाभ बाहरी प्रदेश के लोगों को मिल रहा है, जरूरत इस बात की है कि उत्तराखंड के जैविक सब्जियों को प्रोत्साहित करने के लिए यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी लोग स्थानीय सब्जियों को खरीदें यह भी ध्यान रखें की स्थानीय लोगों से ही खरीदी जाए इससे जहां एक ओर उत्तराखंड के काश्तकारों को सीधा लाभ मिलेगा वहीं उत्तराखंड के बेरोजगारों को भी रोजगार मिल सकेगा। कहा गया कि पहाड़ से हो रहे पलायन को रोकने के लिए जरूरी है कि पहाड़ की खेती एवं क्रषी में सुधार लाया जाये जिससे उतपाद बड़े और काश्तकारों को उसक यथोचित दाम मिले अगर घर-गांव में लोगों को उनके उत्पादों का उचित दाम मिलेगा तो पलायन भी रुकेगा। कहा गया की बंजारावाला के गढ़ हितैषी स्वंय सहायता समूह सहीत अगर समूह को कोई तकनीकी जानकारी चाहिए तो सहकार भारती इस के लिय नि:शुल्क प्रशिषण दे सकता है सहकार भारती का प्रयास है की लोगों को उनके निवास के इर्द-गिर्द ही रोजागार मिले ताकी उन्हें पलायन ना करना पड़े।

यह देश के सामरिक हित के लिए जरूरी है। बैठक में सहकार भारती के प्रदेश प्रभारी अमरनाथ तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंदेल, महानगर अध्यक्ष मणी राम नौटियाल, महानगर संगठन प्रमुख राकेश डंगवाल, सह संघटन प्रमुख नत्थी सिंह राणा, महामंत्री नरेश कुलाश्री, विवेकानंद पंत संपर्क प्रमुख, मीडिया प्रभारी सरिता कुडियाल, यशवंत सिंह नेगी, प्रदीप सिंह प्रदेश कार्यकार्णी प्रमुख,विवेक शर्मा प्रदेश मंत्री,देवाशीश गौर महानगर मंत्री एवं पुष्पा पुंडीर आदि मौजूद रहे।

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