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प्रो. रघुवीर सिंह को वीसी ऑफ़ द ईयर अवार्ड

उच्च शिक्षा में प्रौद्योगिकी की अतुलनीय भूमिका: टीएमयू के कुलपति

सार्थक प्रयास संवादाता
 मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के वीसी प्रो. रघुवीर सिंह की झोली में एक और प्रतिष्ठित अवार्ड आया है। जानी-मानी यूनिवर्सल मेंटोर्स एसोसिएशन की ओर से प्रो. सिंह को वीसी ऑफ़ द ईयर- 2022 के अवार्ड से नवाजा गया है। टीएमयू के वीसी का साफ़ मानना है, टेक्नोलॉजी के गुलाम मत बनिए, इसे हमेशा जीवन में टूल्स की मानिंद उपयोग कीजिए। साथ ही उन्होंने यह भी साझा किया, नैक की ए ग्रेडिंग के बाद हमारी यूनिवर्सिटी ऑनलाइन डिग्री एजुकेशन जल्दी ही प्रारम्भ करेगी, ताकि स्टुडेंट्स दूरस्थ उच्च शिक्षा का लाभ उठा सकेंगे। उल्लेखनीय है, दिल्ली के प्राइड प्लाजा, ऐरोसिटी होटल में आयोजित इस भव्य सम्मान समारोह में एसोसिएशन के चेयरमैन श्री संदीप गुलाटी औऱ डायरेक्टर ऑफ़ ब्रेन वंडर्स श्री मनीष नायडू ने टीएमयू के वीसी प्रो. रघुवीर सिंह को ट्रॉफी औऱ सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। सम्मान समारोह में देशभर की करीब डेढ़ सौ यूनिवर्सिटीज के कुलपति औऱ डीन ने शिरकत की। इनमें से कई लोगों को विभिन्न श्रेणियों में ट्रॉफी औऱ प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रो. सिंह ने समारोह में रिइमेज़ीनिंग हायर एजुकेशन थ्रू टेक्नोलॉजी पर सारगर्भित व्याख्यान भी दिया।
प्रो. सिंह अपने व्याख्यान में बोले, उच्च शिक्षा में प्रौद्योगिकी का अनमोल रोल है। वक़्त के साथ इसका महत्व बढ़ता ही रहेगा। वर्चुअल रियलिटी, मिक्स्ड रियलिटी, ऑगमेंटेड रियलिटी सरीखी टेक्नोलॉजी बाजार में उपलब्ध तो है, लेकिन महंगी होने के कारण बाजार में अपनी पैठ नहीं बना पाई हैं। टीएमयू के कुलपति प्रो. सिंह बोले, इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होनी चाहिए, वर्क फ्रॉम होम की मानिंद भविष्य में लर्न फ्रॉम होम की डिमांड हुई तो पूरी दुनिया में इससे निबटने के लिए पुख्ता बंदोबस्त अभी नहीं हैं। यदि भविष्य में युवा लर्न फ्रॉम होम मोड में गए भी तो वे रिमोट रोबो के मानिंद होंगे। न फीलिंग होगी न इमोशन, ग्रुप स्किल्स भी नदारद होंगी। उन्होंने सलाह दी, युवा कभी भी तकनीकी के गुलाम नहीं बनें। यदि कोई आर्गेनाइजेशन किसी प्रौद्योगिकी को अडॉप्ट करना चाहता है, तो उसकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए, आखिर वह इस तकनीक को ही क्यों क्रियान्वित करना चाहता है? दुनिया में बहुत सी प्रौद्योगिकी उपलब्ध हैं, लेकिन आपको पहले अपना मकसद तय करना होगा। दूसरों की नक़ल करने से किसी का भला नहीं होगा। वैश्विक तौर पर प्रौद्योगिकी के तीन फेज मौजूदा वक़्त में प्रचलित हैं। पहला- डिजीटाइजेशन, दूसरा- डिजीटलाइजेशन औऱ तीसरा- डिजीटल ट्रांसफॉर्मेशन। महत्वपूर्ण यह है, किसी भी इंस्टीट्यूट को यह अमुक टेक्नोलॉजी क्यों चाहिए ? इसका उपयोग औऱ लाभ क्या होगा, यह तय होना चाहिए। हमारे लिए गर्व का विषय है, तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को आत्मसात करने की ओर बढ़ रही है।
उल्लेखनीय है, प्रो. सिंह को 2020 में टॉप 20 एमिनेंट वीसी ऑफ़ इंडिया का अवार्ड मिल चुका है। यूनिवर्सिटी के लिए 2021 पुरस्कारों की सौगात लेकर आया। इस साल वीसी प्रो. रघुवीर सिंह की झोली में एक के बाद एक तीन अवार्ड्स आए। टॉप 50 लीडर्स इन हायर एजुकेशन, आउटकम बेस्ड एजुकेशन यूनिवर्सिटी के अवार्ड के संग-संग एग्ज़ाम्प्लीरी लीडर्स इन एजुकेशन पुरस्कार से भी नवाजे गए। वीसी ऑफ़ द ईयर अवार्ड- 2022 से पहले इसी साल इंडियाज़ मोस्ट प्रोमिसिंग वीसी का ख़िताब भी मिल चुका है। इनमें से 04 अवार्ड ऑफलाइन, जबकि 02 अवार्ड ऑनलाइन मिले हैं। साथ ही प्रो. सिंह बोले, हमने बिना समय गंवाए शैक्षणिक गुणवत्ता के लिया फाइव इयर्स प्लान तैयार कर लिया है। उन्होंने उम्मीद जताई, नैक के अगले निरीक्षण में यूनिवर्सिटी नैक के सभी मानकों पर खरी उतरते हुए उच्चतम ग्रेड हासिल करेगी। यूनिवर्सिटी छात्र-छात्राओं को वैश्विक स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर, वर्ल्ड क्लास एजुकेशन, देश-विदेश की जानी-मानी कंपनियों में पसंदीदा प्लेसमेंट, इंडस्ट्रियल विजिट, गेस्ट लेक्चर्स आदि मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
ख़ास बातें
प्रौद्योगिकी के गुलाम न बनिए, इसे टूल्स के मानिंद उपयोग कीजिए
टेक्नोलॉजी अपनाने में दूसरों की नक़ल न करें, तय करें अपना मकसद
नैक की ए ग्रेडिंग के बाद टीएमयू में ऑनलाइन डिग्री एजुकेशन जल्दी
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी अब डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की ओर
लर्न फ्रॉम होम के लिए करना होगा अभी प्रौद्योगिकी का इंतज़ार

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